प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2023(PMKSS)(Pradhan Mantri Krishi Sinchai Yojana)

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की शुरुआत आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के शासनकाल में  1 जुलाई सन 2015 को “हर खेत को पानी के आदर्श स्लोगन के साथ शुरू की गई। इस योजना के माध्यम से कृषि करने योग्य खेती का क्षेत्र विस्तार करने तथा उस क्षेत्र को सुनिश्चित सिंचाई के साथ ही साथ पानी की कम बर्बादी और कम से कम जल का अधिक से अधिक उपयोग किस प्रकार से दक्षता पूर्वक किया जाए को शामिल किया गया है।प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना द्वारा जल के सही उपयोग तथा जल के उपयोग को किस प्रकार से सुधारा जा सकता है जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया गया है। यह योजना केवल सिंचाई से संबंधित ही योजनाओं को सुनिश्चित नहीं करती है बल्कि जल संचय और जल सिंचाई के माध्यम से किस प्रकार से वर्षा के जल को संरक्षित किया जा सकता है तथा सूक्ष्मतर स्तर पर भी वर्षा के पानी से कैसे सिंचाई की जाए इस बात पर हमारा ध्यान केंद्रित करता है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत’ ‘’प्रति बूंद अधिक फसल,, का स्लोगन भी दिया गया है जिससे की खेती करने वाले किसानों को सब्सिडी के माध्यम से निम्नलिखित साधनों द्वारा सिंचाई को प्रोत्साहन दिया जाता है। इसलिए इस योजना के अंतर्गत खेतों में सिंचाई के लिए ड्रिप सिंचाई को ही महत्वपूर्ण माना गया है जिससे कि केवल उपयोगी क्षेत्र में ही सिंचाई कार्य किया जाएगा।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की शुरुआत मंत्रालय राष्ट्रीय संचालन समिति द्वारा कीया गया है जिसका गठन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की अध्यक्षता में संबंधित मंत्रालय के केंद्रीय मंत्रियों के साथ में किया गया। इस योजना को 1 वर्ष की अवधि में ही यानी की सन 2015 से सन 2000 की समय अवधि में ही 2600 करोड रुपए  का बजट आवंटित कर दिया गया। जिसे आने वाले 5 सालों यानी की सन 2020 तक की अवधि के लिए के परिवार पर मंजूरी दे दी गई थी। जिससे कि भारत की कृषि सिंचाई को और भी अच्छा बनाया जा सके और कम से कम पानी के उपयोग से अधिक से अधिक फसल की जा सके।

अंत्योदय अन्न योजना 2023 (Antyodaya Anna Scheme)

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के उद्देश्य

 प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के बहुत सारे उद्देश्य हैं जो कि इस प्रकार से हैं –

  • प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत जिला स्तरीय उप जिला स्तर पर जल के उपयोग के लिए कई सारी योजनाएं तैयार करना तथा क्षेत्र स्तर पर सिंचाई में किस प्रकार से निवेश किया जाए और अभिशरण प्राप्त किया जाए जैसी बातों पर ध्यान देने का उद्देश्य रखा गया है।
  • प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से एक योजना तैयार की जाएगी कि किस प्रकार से खेती योग्य भूमि पर भौतिक रूप से पानी की पहुंच को सुनिश्चित किया जाए सिंचाई के लिए तथा अन्य खेती योग्य भूमिका विस्तार किया जा सके।
  • प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के द्वारा कृषि में तपकर सिंचाई जिसे की ड्रिप तरीका भी कहा जाता है तथा फुहार सिंचाई को मुख्यतः शामिल किया गया है। जिससे कि पानी का नुकसान नहीं होगा और पानी का सदुपयोग होगा। ऐसी ही उपयोगिताओं के लिए प्रति बूंद अधिक फसल जैसे स्लोगन को तैयार किया गया है।
  • मिट्टी के पीएच मान को बनाए रखने तथा जल संरक्षण, जल बहाव मुक्ति पाने की योजनाओं पर भी काम किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की विशेषताएं

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत बहुत सारी विशेषताएं हैं जो किस प्रकार से है-

  • भारत में निवास करने वाले प्रत्येक नागरिक को मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी करने की योजना शुरू की गई है। जिसके माध्यम से मिट्टी तथा उर्वरक परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना करके मिट्टी के स्वास्थ्य को सही करने की जिम्मेदारी सरकार उठाएगी।
  • मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना को सुचारू रूप से चालू करने के लिए लगभग 34 लाख मिट्टी के नमूनों को एकत्र किया गया है जिस पर विशेषज्ञों द्वारा विश्लेषण जारी है।
  • प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत जैविक खेती को बढ़ावा देने की व्यवस्था की गई है जिसके लिए परंपरागत कृषि विकास योजना की भी शुरुआत की गई है।
  • भारत में निवास करने वाले सभी किसानों को उनकी खेती संबंधित हर मुद्दों से छुटकारा दिलाने के लिए दूरदर्शन द्वारा एक समर्पित किसान भाई चैनल भी शुरू किया गया है जिससे कि वह किसी से संबंधित हर जानकारी प्राप्त कर सके।
  • प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत यदि किसी प्राकृतिक आपदा के चलते किसानों को किसी प्रकार की क्षति होती है तो सरकार द्वारा उन्हें सब्सिडी के तौर पर मिलने वाली राशि में  50% की बढ़ोतरी की गई है।
  • प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत दी जाने वाली सब्सिडी में 75% का अनुदान केंद्र सरकार करती है और बचे हुए 25% का अनुदान राज्य सरकार द्वारा किया जाता है।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना से लाभ

 प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना से बहुत सारे लाभ हैं जो किस प्रकार से हैं –

  • प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत पानी के अपव्यय पर रोक लगाया जा सकेगा। जिस की जितने पानी की आवश्यकता होगी उतने ही पानी का  उपयोग किया जाएगा उससे अधिक एक बूंद भी पानी बेकार नहीं जाएगा। जिसके लिए भारत सरकार ने प्रति बूंद अधिक फसल का स्लोगन भी तैयार किया है।
  • प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत बागवानी, फसलों की खेती, परिवार में उपयोग होने वाले जल, कथा व्यवसाय जैसी सभी प्रकार के क्षेत्र के लिए जल बजट तैयार किया जाएगा या किया जा रहा है। जिससे कि इन सभी क्षेत्रों पर पानी के अपव्यय को रोका जा सके।
  • कम बिजली उपयोग पर ही अच्छी सिंचाई से अच्छी खेती प्राप्त करने का उद्देश्य रखा गया है। जैसे कि जल और बिजली दोनों की ही बचत होगी।
  • टपक विधि सिंचाई पर अधिक जोर दिया गया है जिससे कि फसलों की जड़ों में सीधे अपनी जाए और बेकार के पानी का उपयोग होना बंद होगा।
  • प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत बारिश के पानी को संचित करने का भी निर्णय लिया गया है जिसे सही समय पर अपनी खेती के लिए उपयोग में लाया जा सकेगा।
  • प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना द्वारा खेतों में सिंचाई के लिए उचित मात्रा में पानी उपलब्ध करवाना उसका में उपकरणों के लिए सब्सिडी प्रदान करने का काम सरकार करती है।
  •  इस योजना के माध्यम से सिंचाई और स्प्रिंकल जैसी सिंचाई को और भी बढ़ावा दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के घटक –

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के कई सारे प्रमुख घटक हैं जो कि इस प्रकार से हैं –

त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम-

  • वे सभी राष्ट्रीय परियोजनाएं जिनके द्वारा खेतों की सिंचाई करने का प्रमुख निर्णय लिया गया है और मध्यम सिंचाई कि जल्द से जल्द पूर्ति करने पर ध्यान दिया गया है।

 हर खेत को पानी देने की व्यवस्था –

  • लघु जल प्रणाली जो की सात ही और भूजल दोनों द्वारा तैयार किए जाते हैं तो दोनों ही माध्यम से नए जल स्रोतों के निर्माण करने का निर्णय लिया गया है।
  • जितने भी पारंपरिक जल निकाय है उनकी मरम्मत पुनरुत्थान और पुनः नई डिजाइन द्वारा तैयार करने का निर्णय लिया गया है।
  • वर्तमान क्षेत्र जहां खेती होनी है वहां तक एक संगठित फैलाव द्वारा सिंचाई के लिए सुधरेन्नीकरण किया जाए जिससे की अच्छी फसल प्राप्त की जा सके।
  • जितने भी पुराने मंदिर हैं जहां की पारंपरिक जल भंडारण की व्यवस्था है उनके पुनः से नवनिर्माण और मरम्मत की व्यवस्था की जाए।

 प्रति बूंद अधिक फसल

  • प्रति बूंद अधिक फसल प्राप्त करने के लिए सिंचाई के वह तमाम मध्य अपनाना जिनके माध्यम से फसलों की जड़ों तक सीधे पानी पहुंचाने की व्यवस्था हो सके। जिनके लिए सटीक जल अनुप्रयोग उपकरणों का निर्माण करना, जुबीन और खोदे जिकन से जल का उपयोग सिंचाई के लिए करना। और तमाम प्रकार की पानी के उपयोग में दक्षता प्राप्त करते हुए सुधार करना इस योजना का मुख्य उद्देश्य रखा गया है।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लिए पात्रता –

प्रधानमंत्री कृषि योजना में आवेदन करने के लिए आपको निम्नलिखित पात्रता रखना आवश्यक होती है। जिनमें –

  • प्रधानमंत्री कृषि योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों के पास कृषि योग्य भूमि होना अनिवार्य है।
  • देश के सभी वर्ग के किसान इस योजना के पात्र होंगे।
  • प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का लाभ उन लाभार्थियों को भी दिया जाएगा जिन्होंने कम से कम 7 वर्षों के लिए लीज एग्रीमेंट को साइन किया है।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना आवेदन के लिए दस्तावेज –

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में आवेदन करने के लिए आपको निम्नलिखित दस्तावेज की आवश्यकता होती है जिनमें –

  •  आवेदक आधार कार्ड
  •  वोटर आईडी
  •  किसानों के जमीन के कागजात
  •  लीज एग्रीमेंट कागजात
  •  बैंक अकाउंट पासबुक
  •  पासपोर्ट साइज फोटो
  •  मोबाइल नंबर

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लिए आवेदन कैसे करें?

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में पंजीकरण करने के लिए हर राज्य की अपनी अलग-अलग आधिकारिक वेबसाइट है जिस पर जाकर इस योजना से संबंधित सभी जानकारियां विस्तृत रूप से प्राप्त कर सकते हैं और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।

सुझाव-

यदि आप भी एक किसान हैं तो आपको भी अपने इस योजना का लाभ उठाना चाहिए और सिंचाई से संबंधित उन सभी प्रकार के उपकरणों का उपयोग करना चाहिए जिससे कि पानी का बचाव हो सके यदि आपके पास पैसे नहीं है तो आप सरकार से इसके लिए सब्सिडी भी प्राप्त कर सकते हैं।

Leave a Comment